एसआरएचयू में मंथन से निकलेगा शिक्षा का नया मंत्र, विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य पर फोकस

एसआरएचयू में मंथन से निकलेगा शिक्षा का नया मंत्र, विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य पर फोकस

देहरादून/डोईवाला। शिक्षा केवल पाठ्यक्रम और परीक्षाओं तक सीमित नहीं, बल्कि वह भविष्य की नींव गढ़ने वाली सतत प्रक्रिया है। इसी सोच को केंद्र में रखते हुए स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (एसआरएचयू), जौलीग्रांट में शुक्रवार को एक दिवसीय ‘प्रिंसिपल कॉन्क्लेव’ आयोजित किया जाएगा। ‘शेपिंग टुमॉरो बिगिन्स टुडे’ थीम पर होने वाला यह सम्मेलन विद्यालयी शिक्षा और उच्च शिक्षा के बीच संवाद की उस कड़ी को मजबूत करने का प्रयास होगा, जिसकी मजबूत बुनियाद विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य का रास्ता तैयार कर सकती है।

कॉन्क्लेव में शिक्षा के बदलते स्वरूप, विद्यार्थियों की नई आवश्यकताओं, राष्ट्रीय शिक्षा नीति के विभिन्न पहलुओं तथा भविष्य की शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर विमर्श होगा। मुख्य अतिथि माध्यमिक शिक्षा निदेशक, उत्तराखंड विनोद प्रसाद सेमल्टी और विशिष्ट अतिथि मुख्य शिक्षा अधिकारी, देहरादून गोविंद राम जायसवाल कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे।

एसआरएचयू के इस मंच पर ऋषिकेश, देहरादून, हरिद्वार और रुड़की के विभिन्न विद्यालयों के 10 प्रधानाचार्य प्रतिभाग करेंगे। सम्मेलन को दो प्रमुख सत्रों में विभाजित किया गया है, जिनमें विद्यालयी एवं उच्च शिक्षा के बीच बेहतर तालमेल, विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक अवसरों के विस्तार, मार्गदर्शन और बदलते दौर की जरूरतों के अनुरूप सीखने के वातावरण पर विचार-विमर्श होगा।

कॉन्क्लेव का व्यापक उद्देश्य केवल विचारों के आदान-प्रदान तक सीमित न रहकर ऐसी शैक्षणिक रणनीतियों की तलाश करना है, जो स्कूल से विश्वविद्यालय तक विद्यार्थियों की यात्रा को अधिक सहज, समावेशी और भविष्यपरक बना सकें।

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