‘स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत, विकसित भारत’ बनेगा अभियान का मंत्र, 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा अभियान

‘स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत, विकसित भारत’ बनेगा अभियान का मंत्र, 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा अभियान

देहरादून। स्वच्छता को महज सरकारी अभियान के बजाय सामाजिक सहभागिता और नागरिक जिम्मेदारी का स्थायी संस्कार बनाने की दिशा में शहरी विकास विभाग ने ‘स्वच्छता ही सेवा अभियान-2026’ के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत उत्तराखंड में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक विभिन्न निकायों में स्वच्छता, जनभागीदारी, सार्वजनिक स्थलों के कायाकल्प और सफाईमित्रों के सम्मान एवं सुरक्षा को केंद्र में रखते हुए विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस वर्ष अभियान की थीम ‘स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत, विकसित भारत’ रखी गई है।

अभियान की तैयारियों को लेकर मंगलवार को शहरी विकास विभाग के निदेशक विनोद गोस्वामी की अध्यक्षता में राज्य के सभी नगरीय निकायों के अधिकारियों के साथ बैठक हुई। बैठक में स्पष्ट किया गया कि स्वच्छता की सफलता केवल सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने से नहीं, बल्कि नागरिकों को उसके साथ सक्रिय रूप से जोड़ने से सुनिश्चित होगी। इसी सोच के तहत अभियान में स्वच्छता लक्ष्य इकाइयों (CTUs), भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थलों और प्रमुख परिसरों के कायाकल्प पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

अभियान के तहत ‘स्वच्छ पाठशाला-युवा फॉर स्वच्छता’, ‘सफाई मित्र सुरक्षा एवं सम्मान शिविर’ और ‘स्वच्छता से समृद्धि’ जैसी पहलें संचालित होंगी। इनमें कचरे के बेहतर प्रबंधन, सर्कुलर इकोनॉमी और ‘वेस्ट-टू-वेल्थ’ की अवधारणा को जनभागीदारी से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। उद्देश्य यह है कि कचरे को समस्या के बजाय संसाधन में बदलने की सोच समाज में विकसित हो।

अभियान की शुरुआत 17 सितंबर को नागरिकों से अपने घरों की सफाई के साथ करने का आह्वान किया गया है। इसके बाद 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस पर पार्कों, महापुरुषों की प्रतिमाओं, विरासत क्षेत्रों, स्मारकों और प्राकृतिक स्थलों में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। वहीं 1 अक्टूबर को ‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ के तहत व्यापक महाश्रमदान आयोजित किया जाएगा। इसमें जनप्रतिनिधियों और प्रमुख हस्तियों को नेतृत्वकारी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

2 अक्टूबर को स्वच्छ भारत दिवस के अवसर पर नगरीय निकायों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रति नागरिकों को जागरूक करने के साथ ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण भी किया जाएगा।

अभियान का एक महत्वपूर्ण पक्ष सफाईमित्रों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सम्मान से जुड़ा है। इसके लिए विशेष शिविर आयोजित कर स्वच्छता कर्मियों की स्वास्थ्य जांच, आवश्यक सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता और उनके कल्याण से जुड़े विषयों पर कार्य किया जाएगा। विभाग ने निकायों को निर्देश दिए हैं कि स्वच्छता कर्मियों को केवल व्यवस्था का हिस्सा नहीं, बल्कि स्वच्छ शहरों के निर्माण में महत्वपूर्ण भागीदार के रूप में सम्मान दिया जाए।

निदेशक विनोद गोस्वामी ने निकाय अधिकारियों को स्थानीय स्तर पर नवाचार को बढ़ावा देने और सफल प्रयोगों को आमजन तक पहुंचाने के निर्देश भी दिए। विभाग की मंशा है कि 17 अक्टूबर को अभियान की औपचारिक अवधि पूरी होने के बाद भी स्वच्छता की यह चेतना और जनभागीदारी निरंतर बनी रहे। बैठक में अपर निदेशक प्रवीण कुमार, सहायक निदेशक राजीव पाडे, अधिशासी अभियंता रचना पायल सहित प्रदेश के नगर निगमों के नगर आयुक्त तथा नगर पालिका परिषदों और नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारी मौजूद रहे।

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