संगठन शक्ति का प्रदर्शन! रैली में दिखा प्रीतम सिंह का बढ़ता प्रभाव

संगठन शक्ति का प्रदर्शन! रैली में दिखा प्रीतम सिंह का बढ़ता प्रभाव

देहरादून। राजधानी में मंगलवार को सियासी हलचल तेज रही, जब भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के हजारों कार्यकर्ताओं ने महंगाई, भ्रष्टाचार और कानून व्यवस्था के मुद्दों को लेकर जोरदार प्रदर्शन करते हुए राजभवन देहरादून का घेराव किया। प्रदेश सरकार के खिलाफ आयोजित इस शक्ति प्रदर्शन ने पूरे शहर का माहौल राजनीतिक रंग में रंग दिया।
वरिष्ठ नेताओं की अगुवाई में कार्यकर्ता जुलूस के रूप में राजभवन की ओर बढ़े। प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम करते हुए जगह-जगह पुलिस बल तैनात किया। प्रदर्शन के दौरान कुछ स्थानों पर कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हल्की धक्का-मुक्की भी हुई, लेकिन हालात जल्द नियंत्रित कर लिए गए।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि उत्तराखंड में भ्रष्टाचार चरम पर है, महंगाई से आम जनता परेशान है और कानून व्यवस्था कमजोर हो चुकी है। उनका कहना है कि सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है और जनता को राहत देने में नाकाम साबित हुई है। प्रदर्शनकारियों ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
संगठनात्मक मजबूती के केंद्र में प्रीतम सिंह
राजनीतिक हलकों में इस शक्ति प्रदर्शन को प्रदेश कांग्रेस की संगठनात्मक सक्रियता से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रीतम सिंह लंबे समय से कार्यकर्ताओं के बीच संवाद और संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की रणनीति पर काम करते रहे हैं। हालिया प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं की बड़ी भागीदारी को उनकी संगठन क्षमता और प्रभाव से जोड़कर देखा जा रहा है।
विश्लेषकों का मानना है कि उनकी कार्यशैली संगठन में नई ऊर्जा भरने वाली “राजनीतिक पाठशाला” के रूप में उभर रही है, जहां कार्यकर्ताओं को जनसंपर्क और सक्रिय भागीदारी के जरिए सीधे जनता से जोड़ा जा रहा है।
सादगी और जनसंपर्क से मजबूत होती पहचान
राजनीतिक गलियारों में प्रीतम सिंह की पहचान सादगी और जमीन से जुड़े नेतृत्व के रूप में स्थापित मानी जाती है। कार्यकर्ताओं के बीच उनकी सक्रिय मौजूदगी और संवाद की शैली उन्हें जनप्रिय नेता के रूप में अलग पहचान देती है। हालिया महारैली में उमड़ी भीड़ को उनके समर्थक जनविश्वास का प्रतीक बता रहे हैं।
सड़कों पर गूंजा नेतृत्व का असर
प्रदर्शन के दौरान राजधानी की सड़कों पर प्रीतम सिंह के समर्थन में नारे गूंजते रहे। समर्थकों का कहना है कि संघर्ष से आगे बढ़ते हुए संगठन को मजबूत करना उनकी राजनीतिक यात्रा की पहचान बन चुका है। खासकर चकराता क्षेत्र में उन्हें जनता से गहरे जुड़ाव वाले नेता के रूप में देखा जाता है।
कुल मिलाकर, राजभवन घेराव ने प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस की सक्रियता और नेतृत्व के बढ़ते प्रभाव का स्पष्ट संकेत दे दिया है। पार्टी ने साफ कहा है कि जब तक महंगाई से राहत और भ्रष्टाचार से मुक्ति नहीं मिलती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

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