पोषण से स्वास्थ्य तक: हिम्स जौलीग्रांट में जागरूकता अभियान ने संतुलित आहार के महत्व को रेखांकित किया

पोषण से स्वास्थ्य तक: हिम्स जौलीग्रांट में जागरूकता अभियान ने संतुलित आहार के महत्व को रेखांकित किया

देहरादून/डोईवाला। राष्ट्रीय पोषण सप्ताह के अवसर पर हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (हिम्स) जौलीग्रांट के डायटेटिक्स विभाग की ओर से पोषण जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न ज्ञानवर्धक एवं रचनात्मक प्रतियोगिताओं के माध्यम से संतुलित आहार, पोषण और दीर्घकालिक स्वास्थ्य के बीच संबंध को रेखांकित किया गया। कार्यक्रम की थीम ‘न्यूट्रिशन एनलाइटनमेंट—थ्रोइंग लाइट ऑन हेल्दी फूड्स फॉर बैलेंस्ड न्यूट्रिशन’ रही।

कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को स्वस्थ खान-पान के प्रति जागरूक करने के साथ यह संदेश देना रहा कि संतुलित पोषण केवल कुपोषण की रोकथाम तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों की रोकथाम और बेहतर जीवन गुणवत्ता का भी महत्वपूर्ण आधार है। कविता ने कविता प्रतियोगिता में प्रथम, प्रियंका ने द्वितीय और वंदना ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं क्विज प्रतियोगिता में नीति सैमुअल और शहनवाज अंसारी विजेता रहे।

विजेताओं को मुख्य निदेशक (अस्पताल सेवाएं) डॉ. हेमचंद्रा ने पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि संतुलित और पोषक आहार स्वस्थ जीवन की आधारशिला है। दैनिक भोजन में आवश्यक पोषक तत्वों का संतुलित समावेश व्यक्ति के शारीरिक स्वास्थ्य के साथ उसकी कार्यक्षमता को भी बेहतर बनाता है।

डॉ. अनुपम अग्रवाल ने राष्ट्रीय पोषण सप्ताह के इतिहास, महत्व और उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पोषण के प्रति वैज्ञानिक समझ और व्यवहारगत जागरूकता स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए आवश्यक है। रीना हाबिल ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए भविष्य में मरीजों और तीमारदारों को भी इस प्रकार की जागरूकता गतिविधियों से जोड़ने का सुझाव दिया।

कार्यक्रम में डायटिशियन इंचार्ज स्वाति पुरोहित के अलावा प्रीति शर्मा, अंजलि वर्मा, अनुष्का प्रसाद, नेहा वशिष्ठ, युक्ता गुप्ता, वंदना तोमर और छवि त्यागी सहित डायटेटिक्स विभाग के अन्य सदस्य मौजूद रहे।

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