श्री गुरुरामराय विश्वविद्यालयm बना ऑनलाइन व दूरस्थ शिक्षा का नया केंद्र, इग्नू एलएससी को मिली मंजूरी

श्री गुरुरामराय विश्वविद्यालयm बना ऑनलाइन व दूरस्थ शिक्षा का नया केंद्र, इग्नू एलएससी को मिली मंजूरी

देहरादून। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में विद्यार्थियों के लिए नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त करते हुए श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय और इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) के बीच महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस समझौते के तहत विश्वविद्यालय परिसर में इग्नू लर्नर सपोर्ट सेंटर (एलएससी) स्थापित किया जाएगा, जिससे दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा को संस्थागत मजबूती मिलेगी।

शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ.j लोकेश गंभीर तथा इग्नू के वरिष्ठ क्षेत्रीय निदेशक डॉ. अनिल कुमार डिमरी ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इस पहल को उच्च शिक्षा तक पहुंच को आसान और अधिक समावेशी बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

कुलसचिव डॉ. लोकेश गंभीर ने बताया कि प्रस्तावित लर्नर सपोर्ट सेंटर का उद्देश्य विद्यार्थियों, कामकाजी पेशेवरों तथा दूरस्थ क्षेत्रों के शिक्षार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और लचीली शिक्षा उपलब्ध कराना है। केंद्र के माध्यम से छात्रों को शैक्षणिक परामर्श, अध्ययन सामग्री, प्रवेश प्रक्रिया, परीक्षा संबंधी सहायता तथा अन्य अकादमिक सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी।

उन्होंने कहा कि यह सुविधा विशेष रूप से उन विद्यार्थियों के लिए उपयोगी होगी जो नियमित रूप से कॉलेज नहीं जा सकते या नौकरी के साथ अपनी पढ़ाई जारी रखना चाहते हैं। यह केंद्र आजीवन शिक्षा और समावेशी शिक्षा की अवधारणा को भी मजबूत करेगा।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) के. प्रतापन ने कहा कि इग्नू के साथ यह साझेदारी शिक्षा के दायरे को व्यापक बनाएगी और युवाओं को समय और स्थान की सीमाओं से मुक्त होकर उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर देगी। वहीं इग्नू के वरिष्ठ क्षेत्रीय निदेशक डॉ. अनिल कुमार डिमरी ने कहा कि यह केंद्र समाज तक गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक संसाधन और छात्र-केंद्रित अकादमिक सहयोग पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

एमओयू हस्ताक्षर समारोह में इग्नू के उपनिदेशक डॉ. राजीव, विश्वविद्यालय की आईक्यूएसी निदेशक प्रो. (डॉ.) सोनिया गंभीर, कुलपति की विशेष कार्याधिकारी डॉ. श्रेया कोटनाला, प्रो. (डॉ.) मनीषा सिंह सहित दोनों संस्थानों के संकाय सदस्य और शैक्षणिक प्रतिनिधि मौजूद रहे।

admin

Related articles